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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्य विधानमंडल (विधानसभा और विधान परिषद) की संरचना, शक्तियों और विधाई प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 169 के अनुसार संसद किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन के लिए विधि बना सकती है, यदि उस राज्य की विधानसभा ने कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के बहुमत से इस आशय का संकल्प पारित कर दिया हो, और इस प्रकार के संकल्प के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति अनिवार्य होती है।
- 2. विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या उस राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती है, और किसी भी स्थिति में विधान परिषद में सदस्यों की न्यूनतम संख्या 40 से कम नहीं होनी चाहिए (अपवादस्वरूप जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम से पूर्व की स्थिति को छोड़कर)।
- 3. धन विधेयक (Money Bill) को केवल राज्य की विधानसभा में ही पुनः स्थापित किया जा सकता है, विधान परिषद में नहीं; तथा विधान परिषद किसी धन विधेयक को अस्वीकृत नहीं कर सकती है, किंतु वह अधिकतम 14 दिनों की अवधि तक ही उसे रोक सकती है या अपनी सिफारिशें दे सकती है, जिन्हें मानना विधानसभा के लिए बाध्यकारी नहीं होता है।
- 4. साधारण विधेयक के मामले में यदि विधान परिषद किसी विधेयक को अस्वीकृत कर देती है या ऐसे संशोधन करती है जिससे विधानसभा सहमत नहीं है, या यदि विधान परिषद द्वारा विधेयक प्राप्ति के पश्चात चार महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संविधान के अनुच्छेद 197 के तहत दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) बुलाए जाने का संवैधानिक प्रावधान है।
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भारतीय संविधान के भाग VI के तहत राज्य विधानमंडल के गठन और कार्यप्रणाली का विस्तृत प्रावधान किया गया है। कथन 1 असत्य है क्योंकि अनुच्छेद 169 के तहत विधान परिषद के सृजन या उत्सादन के लिए राज्य विधानसभा द्वारा पारित संकल्प के संबंध में संसद को कानून बनाने की शक्ति तो प्राप्त है, किंतु इस प्रक्रिया के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति (Prior Recommendation/Sanction) की कोई संवैधानिक अनिवार्यता नहीं होती है, बल्कि राष्ट्रपति की सिफारिश इस प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करती। कथन 2 सत्य है; विधान परिषद की अधिकतम संख्या विधानसभा का 1/3 और न्यूनतम संख्या 40 निर्धारित की गई है (अपवाद: जम्मू-कश्मीर और कुछ अन्य ऐतिहासिक प्रसंग)। कथन 3 सत्य है क्योंकि धन विधेयक केवल विधानसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है और विधान परिषद इसे अधिकतम 14 दिनों तक ही रोक सकती है। कथन 4 असत्य है क्योंकि भारतीय संविधान में राज्य विधानमंडल के सदनों के बीच गतिरोध को समाप्त करने के लिए **संयुक्त बैठक (Joint Sitting)** का कोई प्रावधान नहीं है (संयुक्त बैठक का प्रावधान केवल संसद के दोनों सदनों के लिए अनुच्छेद 108 में है)। राज्य स्तर पर विधानसभा की इच्छा ही सर्वोपरि होती है यदि गतिरोध बना रहे। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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भारत के निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की स्वतंत्रता, संरचना और चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति संसद द्वारा बनाए गए विधि के अधीन राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से हटाने की प्रक्रिया तथा आधार वही होते हैं जो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के होते हैं, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की लिखित अनुशंसा के बिना किसी भी परिस्थिति में पद से नहीं हटाया जा सकता है।
2. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों का पंजीकरण किया जाता है, किंतु वर्ष 1998 में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के उपरांत निर्वाचन आयोग को यह वैधानिक अधिकार प्राप्त हो गया है कि वह किसी पंजीकृत राजनीतिक दल द्वारा आंतरिक लोकतंत्र के हनन या संविधान के प्रति निष्ठा के अभाव पर उसका पंजीकरण रद्द (De-register) कर सकता है।
3. भारत में electoral funding (चुناवी वित्तपोषण) में पारदर्शिता लाने और चुनावी सुधारों के क्रम में, सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'एस.डी. एसोसिएशन बनाम भारत संघ (2024)' के ऐतिहासिक निर्णय में 'चुनावी बॉन्ड योजना' (Electoral Bonds Scheme) को असंवैधानिक घोषित कर दिया गया, क्योंकि यह नागरिकों के सूचना के अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(a)) का उल्लंघन करती थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग III (मूल अधिकार) के अंतर्गत प्रदत्त स्वतंत्रता के अधिकारों और उनके अपवादों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 19(2) के अंतर्गत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाए जाने वाले युक्तियुक्त निर्बंधों (Reasonable Restrictions) के आधारों में 'भारत की संप्रभुता और अखंडता', 'राज्य की सुरक्षा' और 'विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध' शामिल हैं, किंतु 'सार्वजनिक व्यवस्था' (Public Order) मूल संविधान में नहीं था, जिसे प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम, 1951 द्वारा जोड़ा गया था।
2. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत दिए गए 'प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के संरक्षण' के दायरे में निजता का अधिकार (Right to Privacy) एक अंतर्निहित मौलिक अधिकार है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने 'के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ' बाद में सर्वसम्मति से अनुच्छेद 14, 19 और 21 के अंतर्गत एक स्वतंत्र मौलिक अधिकार घोषित किया था।
3. अनुच्छेद 22 के तहत निवारक नजरबंदी (Preventive Detention) के अधीन किसी व्यक्ति को बिना किसी न्यायिक परीक्षण के अधिकतम तीन महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है, और यदि इस अवधि से अधिक समय तक हिरासत में रखना आवश्यक हो, तो इसके लिए किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले सलाहकार बोर्ड (Advisory Board) का प्रतिवेदन प्राप्त होना अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग II (अनुच्छेद 5-11) के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों और नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 1955 के विभिन्न आयामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान का अनुच्छेद 8 भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के कुछ व्यक्तियों (PIOs) के नागरिकता के अधिकारों से संबंधित है, जिसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी में से कोई भी अविभाजित भारत में पैदा हुआ था, तो वह भारत का नागरिक माना जाएगा, बशर्ते उसने भारत के राजनयिक या कौंसुलरी प्रतिनिधि के पास पंजीकरण करा लिया हो, चाहे संविधान लागू होने से पहले या उसके पश्चात।
2. नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत 'देशीकरण द्वारा' (By Naturalization) नागरिकता प्राप्त करने के लिए यह एक अनिवार्य शर्त है कि आवेदक किसी ऐसे देश का नागरिक न हो जहाँ भारतीय नागरिकों को देशीकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने से प्रतिबंधित किया गया हो, तथा उसे भारत में कम से कम 12 वर्षों तक सामान्य रूप से निवास करना अनिवार्य होता है।
3. नागरिकता अधिनियम, 1955 (समय-समय पर संशोधित) के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता 'वंचना द्वारा' (By Deprivation) समाप्त कर दी जाती है, जिसकी घोषणा केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित करके की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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राष्ट्रपति का चुनाव किस तरह का होता है?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्य विधानमंडल (विधानसभा और विधान परिषद) की संरचना, उनके विधाई अधिकारों तथा प्रक्रियात्मक उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 169 के अनुसार संसद किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन के लिए विधि बना सकती है, यदि संबंधित राज्य की विधानसभा ने कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा इस आशय का संकल्प पारित कर दिया हो।
2. विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या उस राज्य की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती है, किंतु किसी भी स्थिति में विधान परिषद के सदस्यों की कुल संख्या 40 से कम नहीं हो सकती है, सिवाय उस अपवाद के जहाँ संसद विधि द्वारा कोई विशेष उपबंध करे।
3. विधान परिषद के पास साधारण विधेयक को अधिकतम चार महीने (विधानसभा द्वारा पहली बार भेजने पर 3 महीने और विधान परिषद द्वारा रोके जाने के पश्चात विधानसभा द्वारा पुनः पारित कर भेजे जाने पर 1 महीने का अतिरिक्त समय) तक रोकने या विलंब करने की शक्ति होती है, और दोनों सदनों में गतिरोध होने पर संयुक्त बैठक (Joint Sitting) का प्रावधान किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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